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किन्नौर में बादल फटा, काचरंग नाले में फ्लैश फ्लड;जानें सप्‍ताह तक कैसा रहेगा मौसम

किन्नौर के निचार में बादल फटने से काचरंग नाले में आया फ्लैश फ्लड

शिमला समेत कई क्षेत्रों में बदला मौसम, 28 जून तक बारिश के आसार

मानसून की दस्तक में देरी, हिमाचल में अब तक 25% कम बारिश


हिमाचल प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। एक ओर किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में बादल फटने से फ्लैश फ्लड की स्थिति बन गई, वहीं दूसरी ओर राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने के बाद बारिश शुरू हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि किन्नौर में आई फ्लैश फ्लड से किसी प्रकार का जानी या बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ग्रामीणों का संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।

जानकारी के अनुसार, किन्नौर जिले के निचार उपमंडल में मंगलवार तड़के करीब चार बजे बादल फटने की घटना हुई। बादल फटने के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक मूसलाधार बारिश हुई, जिससे काचरंग नाला उफान पर आ गया और उसमें फ्लैश फ्लड आ गया। जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। डीसी किन्नौर अमित शर्मा ने बताया कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। हालांकि फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से ग्रामीणों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला रास्ता बह गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उधर, राजधानी शिमला में भी मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह तक मौसम साफ था और हल्की धूप खिली हुई थी, लेकिन करीब 11 बजे के बाद आसमान में बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश के अन्य कई क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में आगामी दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। विभाग ने 28 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से 25 और 28 जून को मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। इसके मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इस बीच हिमाचल में मानसून की दस्तक को लेकर भी इंतजार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 22 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार निर्धारित समय गुजरने के बावजूद मानसून अभी तक राज्य की सीमा तक नहीं पहुंच पाया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह के दौरान भी मानसून के हिमाचल पहुंचने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। ऐसे में इस बार मानसून सामान्य से काफी देरी से दस्तक दे सकता है।

मानसून की देरी का असर बारिश के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 23 जून तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य रूप से 66.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होती है, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में केवल 49.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस प्रकार प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सोलन जिला को छोड़कर लगभग सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

बीते कुछ दिनों के दौरान मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए आंधी, तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की थी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में इसका विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिला। कई स्थानों पर दिनभर तेज धूप खिली रही, जिसके कारण तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश के कुछ शहरों में अधिकतम तापमान एक दिन के भीतर ही 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, नालों के जलस्तर में वृद्धि और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं को लेकर सतर्कता बरतना आवश्यक है। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के समीप न जाने और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।